स्तोत्र
श्री रामचन्द्र कृपालु
8 मिनेट
गोस्वामी तुलसीदासद्वारा रचित प्रसिद्ध स्तुति।
पाठ / बोल
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भव भय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं॥
अर्थ
हे मन! भव-भयको नाश गर्ने कृपालु श्री रामचन्द्रको भजन गर।
गोस्वामी तुलसीदासद्वारा रचित प्रसिद्ध स्तुति।
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भव भय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं॥
हे मन! भव-भयको नाश गर्ने कृपालु श्री रामचन्द्रको भजन गर।